Friday, 25 March 2016

होली

मस्ती का गुलाल है 
धूम की पिचकारी है 
बच के रहना दोस्तों 
देखो होली आ री है...

मिलन का त्यौहार है 
ईर्ष्या जिससे हारी है 
बच के रहना दोस्तों 
देखो होली आ री है...

हँसी का गुब्बारा है 
नाचे दुनिया सारी है 
बच के रहना दोस्तों 
देखो होली आ री है...

नन्द की शरारत है 
गोपियों की गारी है 
बच के रहना दोस्तों 
देखो होली आ री है...

गुजिया की ख़ुशबू है 
ठंडाई की खुमारी है 
बच के रहना दोस्तों 
देखो होली आ री है...

इसको रंगा उसको रंगा 
अब तुम्हारी बारी है 
बच के रहना दोस्तों 
देखो होली आ री है...

अतुल जैन