दस्तूरों की दुहाई देखी है
रिश्तों की रुस्वाई देखी है
उमंगी इस आकाश में
गुड़िया अकुलाई देखी है
आसमानी उड़ान देखी है
लंबी सी छलांग देखी है
दौड़ती इस दुनिया में
गुड़िया की ढलान देखी है
भेड़ियों का सरदार देखा है
यौवन का बाजार देखा है
भक्षी इस जंगल में
गुड़िया का शिकार देखा है
झूमता ज़माना देखा है
सफर ए सुहाना देखा है
सुनहरी इस बेला में
गुड़िया का मुरझाना देखा है
साभार
अतुल जैन
रिश्तों की रुस्वाई देखी है
उमंगी इस आकाश में
गुड़िया अकुलाई देखी है
आसमानी उड़ान देखी है
लंबी सी छलांग देखी है
दौड़ती इस दुनिया में
गुड़िया की ढलान देखी है
भेड़ियों का सरदार देखा है
यौवन का बाजार देखा है
भक्षी इस जंगल में
गुड़िया का शिकार देखा है
झूमता ज़माना देखा है
सफर ए सुहाना देखा है
सुनहरी इस बेला में
गुड़िया का मुरझाना देखा है
साभार
अतुल जैन