Saturday, 20 June 2015

बेटी

माँ हमेशा तूने मुझे बाद में ही अपने पास बुलाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद में ही खाना खिलाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद में ही खिलौना दिलवाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद में ही स्कूल में दाखिला दिलवाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद में ही पूजा का तिलक लगाया

लेकिन माँ... मैं हमेशा तेरे साथ खडी थी
तेरी हर बात पे दीवार बनी अड़ी थी
अब भी मैं तेरे साथ हूँ .. तेरी आवाज़ हूँ

और सुन... जब भी तुझे मेरी जरूरत पड़ आएगी
सबसे पहले , तू मुझे अपने पास पायेगी.

साभार
अतुल जैन

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