माँ हमेशा तूने मुझे बाद
में ही अपने पास बुलाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद
में ही खाना खिलाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद
में ही खिलौना दिलवाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद
में ही स्कूल में दाखिला दिलवाया
माँ हमेशा तूने मुझे बाद में
ही पूजा का तिलक लगाया
लेकिन माँ... मैं हमेशा
तेरे साथ खडी थी
तेरी हर बात पे दीवार बनी
अड़ी थी
अब भी मैं तेरे साथ हूँ ..
तेरी आवाज़ हूँ
और सुन... जब भी तुझे मेरी
जरूरत पड़ आएगी
सबसे पहले , तू मुझे अपने पास पायेगी.
साभार
अतुल जैन
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