उनको बचपन की सौगात दे दो
नन्हे हाथों में अपना हाथ दे दो
दौड़ लो कुछ दूर उनके साथ नंगे पैर
फिर मुड़कर प्यार से आवाज़ दे दो
खिलखिलायेंगे वो मिट्टी के घरौंदे बना के
रूठ जाएंगे हाथों को चेहरे पे लगा के
बालों को सहला के जस्बात दे दो
चंदा मामा वाली उनको एक रात दे दो
अपनी व्यस्तता को कुछ आराम दे दो
बैठो उनके साथ और एक पहचान दे दो
बहुत ख्वाईशें हैं छोटे से दिल में उनके
पंख लगाकर एक ऊंची उड़ान दे दो
साभार
अतुल जैन
नन्हे हाथों में अपना हाथ दे दो
दौड़ लो कुछ दूर उनके साथ नंगे पैर
फिर मुड़कर प्यार से आवाज़ दे दो
खिलखिलायेंगे वो मिट्टी के घरौंदे बना के
रूठ जाएंगे हाथों को चेहरे पे लगा के
बालों को सहला के जस्बात दे दो
चंदा मामा वाली उनको एक रात दे दो
अपनी व्यस्तता को कुछ आराम दे दो
बैठो उनके साथ और एक पहचान दे दो
बहुत ख्वाईशें हैं छोटे से दिल में उनके
पंख लगाकर एक ऊंची उड़ान दे दो
साभार
अतुल जैन
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