बस्तियों में ताली बजवाने के लिए नहीं लिखता
समारोहों में धूम जमवाने के लिए नहीं लिखता
मन की स्थिति जताने के लिए लिखता हूँ
शायद इसीलिये बाज़ारों में नहीं बिकता हूँ
साभार
अतुल जैन
समारोहों में धूम जमवाने के लिए नहीं लिखता
मन की स्थिति जताने के लिए लिखता हूँ
शायद इसीलिये बाज़ारों में नहीं बिकता हूँ
साभार
अतुल जैन
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