ये रसूख भी बहुत बड़ी चीज है
अच्छे अच्छों की गर्दन झुकवा देती है
बड़ा स्वागत होता है,
माला पहनायी जाती है,
मोमेंटम भेंट होता है
कुछ शब्द भी बोलने को कहा जाता है
दो लोग लेने और चार लोग छोड़ने जाते हैं
समाज में रसूख की कीमत होती है
"ईमान" के रसूख की कोई कीमत नहीं होती !!!
सविनय,
अतुल जैन
अच्छे अच्छों की गर्दन झुकवा देती है
बड़ा स्वागत होता है,
माला पहनायी जाती है,
मोमेंटम भेंट होता है
कुछ शब्द भी बोलने को कहा जाता है
दो लोग लेने और चार लोग छोड़ने जाते हैं
समाज में रसूख की कीमत होती है
"ईमान" के रसूख की कोई कीमत नहीं होती !!!
सविनय,
अतुल जैन
No comments:
Post a Comment