Friday, 22 June 2018

रसूख

ये रसूख भी बहुत बड़ी चीज है
अच्छे अच्छों की गर्दन झुकवा देती है
बड़ा स्वागत होता है,
माला पहनायी जाती है,
मोमेंटम भेंट होता है
कुछ शब्द भी बोलने को कहा जाता है
दो लोग लेने और चार लोग छोड़ने जाते हैं

समाज में रसूख की कीमत होती है
"ईमान" के रसूख की कोई कीमत नहीं होती !!!

सविनय,
अतुल जैन

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