अकेला हूँ
अकेलेपन का एहसास है
मुझे पता है
न कोई मेरे पास है
सिर्फ दर्द का दरिया है
और यादो का आसमान है
न जाने क्यूँ फिर भी मन मे
उम्मीदों की जमीन है
और ख्वाहिशों का तूफ़ान है
अतुल जैन
अकेलेपन का एहसास है
मुझे पता है
न कोई मेरे पास है
सिर्फ दर्द का दरिया है
और यादो का आसमान है
न जाने क्यूँ फिर भी मन मे
उम्मीदों की जमीन है
और ख्वाहिशों का तूफ़ान है
अतुल जैन
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