Friday, 13 June 2014

जब होगी एक नई सुबह

जब होगी एक नई सुबह,
मुस्कराएगा हर एक उदास चेहरा
उमड़ उठेगा सपनो का सागर
इस हकीकत की दुनिया मे
उठ जायेगा हर एक हारा हुआ हाथ
एक नई शक्ति के साथ
जब होगी एक नई सुबह,
मुस्कराएगा हर एक उदास चेहरा
आँखों मे होगी नए विश्वास की तेज चमक
मन का पंछी दूर, ऊँचे आसमान में उड़ने के लिए बेताब होगा
पीछे छूट चुका होगा वो समय
जब हर चीज़ थी पता नहीं क्यों बेचैन
ऊब चुके थे मन निराशाओं के थपेड़ो से
जब होगी एक नई सुबह,
मुस्कराएगा हर एक उदास चेहरा

“ इंतजार है हमें उसी एक नई सुबह का “


अतुल जैन

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